Saturday, June 20, 2026 | Loading...
BREAKING NEWS
“सिख समुदाय के खिलाफ कथित आपत्तिजनक टिप्पणी पर बवाल, हल्द्वानी कोतवाली में दी तहरीर, कड़ी कार्रवाई की मांग”नीट विवाद पर सीजेपी की बड़ी मांग, आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिवारों को 1 करोड़ मुआवज़ा देने की अपीलकांग्रेस की छात्र-युवा अभियान समिति में हल्द्वानी की मिमांशा आर्या शामिल, मिली अहम जिम्मेदारीआरटीई दाखिलों में पारदर्शिता और स्कूलों में बेहतर सुविधाओं पर जोर, आयुक्त दीपक रावत ने दिए निर्देशनैनीताल पुलिस का सघन चेकिंग अभियान: 173 वाहनों के चालान, 71 वाहन सीज, ₹87 हजार जुर्माना वसूला“सिख समुदाय के खिलाफ कथित आपत्तिजनक टिप्पणी पर बवाल, हल्द्वानी कोतवाली में दी तहरीर, कड़ी कार्रवाई की मांग”नीट विवाद पर सीजेपी की बड़ी मांग, आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिवारों को 1 करोड़ मुआवज़ा देने की अपीलकांग्रेस की छात्र-युवा अभियान समिति में हल्द्वानी की मिमांशा आर्या शामिल, मिली अहम जिम्मेदारीआरटीई दाखिलों में पारदर्शिता और स्कूलों में बेहतर सुविधाओं पर जोर, आयुक्त दीपक रावत ने दिए निर्देशनैनीताल पुलिस का सघन चेकिंग अभियान: 173 वाहनों के चालान, 71 वाहन सीज, ₹87 हजार जुर्माना वसूला

रेल परियोजनाओं पर धामी सरकार का फोकस, क्या 2027 चुनाव से पहले विकास का बड़ा एजेंडा?

| June 19, 2026 | 9 hours ago | 1 min read

देहरादून। उत्तराखंड में रेल नेटवर्क विस्तार को लेकर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने एक बार फिर बड़ा विजन सामने रखा है। रेलवे बोर्ड के चेयरमैन सतीश कुमार के साथ हुई उच्चस्तरीय बैठक में मुख्यमंत्री ने ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना, टनकपुर-बागेश्वर रेल लाइन, कर्णप्रयाग-बागेश्वर रेल परियोजना तथा किच्छा-खटीमा रेल लाइन को प्राथमिकता के आधार पर आगे बढ़ाने पर जोर दिया।

राजनीतिक गलियारों में इस बैठक को आगामी 2027 विधानसभा चुनावों से जोड़कर भी देखा जा रहा है। माना जा रहा है कि राज्य सरकार पहाड़ और तराई दोनों क्षेत्रों को साधने के लिए कनेक्टिविटी आधारित विकास मॉडल पर तेजी से काम कर रही है।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि मजबूत रेल कनेक्टिविटी से पर्यटन, तीर्थाटन, निवेश और रोजगार को नई गति मिलेगी। वहीं राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि वर्षों से लंबित रेल परियोजनाओं को लेकर सरकार की सक्रियता आगामी चुनावी रणनीति का हिस्सा भी हो सकती है।

विशेष रूप से किच्छा-खटीमा और टनकपुर-बागेश्वर जैसी परियोजनाएं कुमाऊं क्षेत्र में लंबे समय से जनभावनाओं से जुड़ी रही हैं। ऐसे में इन परियोजनाओं पर प्रगति की घोषणा सरकार के लिए राजनीतिक रूप से भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

हालांकि विपक्ष का कहना है कि केवल बैठकों और घोषणाओं से काम नहीं चलेगा, बल्कि जनता को धरातल पर परियोजनाओं की प्रगति दिखाई देनी चाहिए। अब नजर इस बात पर रहेगी कि सरकार इन महत्वाकांक्षी रेल परियोजनाओं को कितनी तेजी से आगे बढ़ा पाती है।

I7 NEWS ANALYSIS:
रेलवे परियोजनाओं पर बढ़ी सक्रियता उत्तराखंड के विकास के लिए महत्वपूर्ण है, लेकिन राजनीतिक दृष्टि से भी इसे 2027 के चुनावी रोडमैप की एक अहम कड़ी माना जा रहा है।

Link copied to clipboard!