कब जागेगा प्रशासन? VIP रोड पर अतिक्रमण हटाने की हिम्मत क्यों नहीं?
मेयर का दावा – किसी को नहीं मिलेगी छूट, मगर VIP रोड पर अतिक्रमण पर खामोशी क्यों?


हल्द्वानी शहर में अतिक्रमण के खिलाफ प्रशासन की कार्रवाई तेज हो चुकी है। जगह-जगह पक्की दुकानों को तोड़ा जा रहा है, सड़कों को अतिक्रमण मुक्त किया जा रहा है और बाजारों में अवैध निर्माण हटाए जा रहे हैं। लेकिन सवाल उठता है कि क्या प्रशासन की यह कार्रवाई सभी के लिए समान रूप से लागू हो रही है?

VIP रोड पर दशकों पुराना अतिक्रमण क्यों अनदेखा?
हल्द्वानी में कई इलाकों में प्रशासन ने बड़े स्तर पर अतिक्रमण हटाने का काम किया, लेकिन VIP रोड पर स्थित स्टेडियम की दीवार के पास दशकों से चला आ रहा अतिक्रमण अब तक जस का तस बना हुआ है। यह इलाका शहर के सबसे महत्वपूर्ण हिस्सों में आता है, जहां दिनभर सरकारी अधिकारियों और वीआईपी लोगों का आना-जाना लगा रहता है। इसके बावजूद यहां पर बने स्थायी अतिक्रमण पर कोई कार्रवाई नहीं हो रही है।
मीडिया की खबरों को दबाने के आरोप
जब भी कोई मीडिया संस्थान इस VIP रोड के अतिक्रमण को लेकर रिपोर्टिंग करता है, तो या तो दबाव बनाया जाता है या फिर आर्थिक लाभ देकर खबर को दबाने की कोशिश की जाती है। और अगर ये हथकंडे काम न आएं, तो मीडिया पर ही आरोप लगाने का खेल शुरू कर दिया जाता है। ऐसे में बड़ा सवाल यह उठता है कि क्या प्रशासन की कार्रवाई केवल कमजोर वर्ग के लोगों तक ही सीमित है?

दिन में दुकान, रात में पूरा इलाका सील
यह भी गौर करने वाली बात है कि इस VIP रोड पर अतिक्रमण करने वालों को किस अधिकारी या नेता का संरक्षण प्राप्त है? क्योंकि दिन में यहां दुकानें खुली रहती हैं और रात होते ही पूरे इलाके को जाल लगाकर पूरी तरह से बंद कर दिया जाता है। प्रशासन की नजरें इस पर क्यों नहीं जातीं?
क्या मेयर की बातें हकीकत हैं या महज बयानबाजी?
मेयर साहब मीडिया के सामने यह बयान देते हैं कि किसी भी अतिक्रमणकारी को बख्शा नहीं जाएगा। लेकिन जब शहर की VIP रोड पर अवैध कब्जा करने वालों पर कोई सख्ती नहीं होती।
अब देखना होगा कि प्रशासन इस VIP अतिक्रमण को लेकर कब जागता है और क्या वास्तव में यहां पर निष्पक्ष कार्रवाई होती है या नहीं?
