वोटर लिस्ट से नाम हटाना:
संवैधानिक अधिकारों का हनन – दीपक बल्यूटिया
हल्द्वानी। काँग्रेस के प्रदेश प्रवक्ता दीपक बल्यूटिया ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि उत्तराखंड में निकाय चुनावों के दौरान हजारों लोगों के नाम वोटर लिस्ट से हटा दिए गए हैं। उन्होंने इसे जनता के संवैधानिक अधिकारों का हनन और दंडनीय अपराध करार दिया।
बल्यूटिया ने कहा कि भारत का संविधान प्रत्येक नागरिक को अपने मत का प्रयोग कर अपनी पसंद का नेता चुनने का अधिकार देता है। लेकिन इस बार बड़ी संख्या में ऐसे मतदाताओं के नाम वोटर लिस्ट से हटा दिए गए, जिन्होंने पूर्व में अपने मताधिकार का प्रयोग किया था। उन्होंने कहा, “एक ओर चुनाव आयोग जनता से अधिक मतदान करने की अपील करता है, वहीं दूसरी ओर प्रशासन की लापरवाही के कारण कई मतदाता अपने मत देने से वंचित रह गए।”
मतदाता लौटे मायूस
बल्यूटिया ने कहा कि बड़ी संख्या में लोग जब मतदान केंद्र पहुँचे तो उनके नाम वोटर लिस्ट में नहीं मिले। इससे लोग निराश होकर अपने घर लौटने को मजबूर हो गए। उन्होंने आरोप लगाया कि लोगों के नाम बिना किसी पूर्व सूचना और सहमति के वोटर लिस्ट से हटा दिए गए, जो कि पूरी तरह चुनाव आयोग और संबंधित अधिकारियों की लापरवाही को दर्शाता है।
अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग
कांग्रेस प्रवक्ता ने इस घटना पर नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि ऐसे अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए, जिन्होंने जनता के संवैधानिक अधिकारों का हनन किया है। उन्होंने कहा, “यह लोकतंत्र पर सीधा हमला है और ऐसे मामलों को गंभीरता से लेते हुए दोषी अधिकारियों पर मुकदमा दर्ज होना चाहिए।”
जनता का आक्रोश
वोटर लिस्ट से नाम हटाए जाने के मामले को लेकर जनता में भी रोष है। दीपक बल्यूटिया ने प्रशासन से अपील की है कि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जाए और जिन मतदाताओं के नाम हटाए गए हैं, उन्हें सूची में पुनः जोड़ा जाए।बल्यूटिया ने कहा कि कांग्रेस इस मुद्दे को लेकर जनता के साथ खड़ी है और संवैधानिक अधिकारों की रक्षा के लिए हर संभव कदम उठाएगी।
