एसएसपी नैनीताल की सख्ती, आईटीआई गैंग पर बड़ी कार्रवाई
गैंगस्टर एक्ट के तहत 11 अभियुक्त गिरफ्तार
हल्द्वानी में अपराध और अपराधियों पर नकेल कसने के लिए पुलिस ने बड़ा कदम उठाया है। नैनीताल जिले के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) प्रहलाद नारायण मीणा के सख्त निर्देशों के बाद हल्द्वानी में आईटीआई गैंग के विरुद्ध बड़ी कार्रवाई की गई। पुलिस ने गैंगस्टर एक्ट के तहत गैंग के लीडर समेत कुल 11 अभियुक्तों को गिरफ्तार कर लिया है। इस गिरफ्तारी ने क्षेत्र में सुरक्षा को लेकर पुलिस की सतर्कता और संजीदगी को साफ कर दिया है।
एसएसपी का कड़ा रुख


एसएसपी प्रहलाद नारायण मीणा ने जनपद के सभी थाना प्रभारियों को अपराधियों, गुण्डों और फरार अभियुक्तों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। उनके निर्देशों के बाद हल्द्वानी पुलिस द्वारा कई अभियुक्तों की गिरफ्तारी की जा चुकी है, लेकिन इस बार आईटीआई गैंग के खिलाफ जो कदम उठाए गए हैं, वह बेहद महत्वपूर्ण है। इस गैंग ने क्षेत्र में डर और आतंक का माहौल बना रखा था, लेकिन पुलिस की तत्परता ने इस गैंग की गतिविधियों पर विराम लगा दिया है।
स्पेशल टीम का गठन
इस अभियान के अंतर्गत काठगोदाम थाना प्रभारी श्री विमल कुमार मिश्रा के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया। यह टीम गैंगस्टर एक्ट के तहत दर्ज मु0अ0सं0 44/2024 के तहत अंकित जायसवाल और उसके सहयोगियों को पकड़ने के लिए सक्रिय हुई। टीम को इस कार्रवाई में बड़ी सफलता मिली और उन्होंने 11 अभियुक्तों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार अभियुक्तों को आज 04 अक्टूबर 2024 को गैंगस्टर कोर्ट, नैनीताल में पेश किया गया है, जहां से उन्हें रिमांड पर भेजा गया है।
गिरफ्तार अभियुक्तों की जानकारी
गिरफ्तार किए गए अभियुक्तों में गैंग लीडर अंकित जायसवाल (22 वर्ष), पंकज चौहान (21 वर्ष), भुवन सिंह बिष्ट (20 वर्ष), प्रियांशु सती उर्फ प्रिंस (20 वर्ष), फैसल (20 वर्ष), मोहम्मद लारिफ सिद्दीकी (20 वर्ष), शोएब (20 वर्ष), इरशाद (50 वर्ष), शाकिब (22 वर्ष), अरबाज (22 वर्ष) और फईम अहमद (37 वर्ष) शामिल हैं। इन सभी अभियुक्तों को उनके निवास स्थान और अन्य संभावित स्थानों पर दबिश देकर गिरफ्तार किया गया।
अभियुक्तों की गतिविधियां और पुलिस की जांच
यह सभी अभियुक्त हल्द्वानी और आस-पास के इलाकों में विभिन्न आपराधिक गतिविधियों में संलिप्त थे। इनका मुख्य कार्य अवैध वसूली, मारपीट, और धमकी देना था। आईटीआई गैंग का लीडर अंकित जायसवाल इन अपराधों का मास्टरमाइंड था, जो लंबे समय से फरार चल रहा था। पुलिस ने इसके खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया था और इसके सहयोगियों की धरपकड़ के लिए विशेष अभियान चलाया था।
