धामी सरकार की जनहितकारी सोच साकार: धारी में बहुद्देशीय शिविर से सैकड़ों लोगों को मिला त्वरित लाभ
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हल्द्वानी के बनभूलपुरा इलाके में एक दिल दहलाने वाली घटना सामने आई। यहां के लाइन नंबर सात निवासी 21 वर्षीय मोहम्मद दली ने दोपहर करीब दो बजे गौला पुल से छलांग लगा दी। यह घटना उस समय हुई जब मोहम्मद दली पुल पर खड़ा था और अचानक नदी के बहाव में जा गिरा।
घटना के वक्त पुल के पास ड्यूटी पर तैनात हेड कांस्टेबल हरीश आर्या और राजू को जैसे ही सूचना मिली, वे तुरंत मौके पर पहुंच गए। उनकी तत्परता और त्वरित कार्रवाई की वजह से युवक को नदी से बाहर निकाल लिया गया। इसके बाद उसे नजदीकी डॉ. सुशीला तिवारी राजकीय चिकित्सालय ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसकी हालत को स्थिर बताया।
चिकित्सालय में पुलिस द्वारा की गई पूछताछ के दौरान मोहम्मद दली ने बताया कि वह आइटीआइ का छात्र है और बच्चों को ट्यूशन भी पढ़ाता है। उसने इस बात से इनकार किया कि उसने जानबूझकर छलांग लगाई थी। उसके अनुसार, उसे अचानक चक्कर आ गया था और वह अनजाने में पुल से नीचे गिर गया।
घटना के बाद इलाके में अफरातफरी का माहौल बन गया। मोहम्मद दली की जान बच जाने के बावजूद, घटना ने स्थानीय लोगों को हिला कर रख दिया। कई लोग सोचने लगे कि आखिरकार क्या वजह हो सकती है, जो एक नौजवान इस तरह का कदम उठाने पर मजबूर हो सकता है।
बनभूलपुरा के मोहल्ले में इस घटना के बाद चर्चाओं का दौर शुरू हो गया। कुछ लोगों का मानना है कि युवक मानसिक तनाव में था, जबकि अन्य लोगों ने इसे केवल एक दुर्घटना करार दिया। हालांकि, पुलिस घटना की जांच कर रही है और सभी संभावित कोणों से इसकी छानबीन की जा रही है।
मोहम्मद दली ने बताया कि वह आइटीआइ में पढ़ाई कर रहा था और साथ ही बच्चों को ट्यूशन भी पढ़ाता था। उसकी आर्थिक स्थिति ठीक नहीं थी, लेकिन उसने कभी किसी से मदद नहीं मांगी। मोहम्मद की पढ़ाई और ट्यूशन के बीच तालमेल बैठाने की कोशिशों के चलते वह मानसिक दबाव में आ सकता है, हालांकि इस बात की पुष्टि अभी नहीं हो सकी है।
पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और घटना की गहन जांच कर रही है। हेड कांस्टेबल हरीश आर्या ने बताया कि मामले में सभी संभावित कोणों की जांच की जा रही है। मोहम्मद दली के बयान और चिकित्सा जांच के बाद ही पुलिस कोई ठोस निष्कर्ष पर पहुंचेगी।
मोहम्मद दली के परिवार के सदस्यों ने इस घटना के बाद चिंता व्यक्त की है। उन्होंने बताया कि मोहम्मद हमेशा से एक मेहनती और समर्पित छात्र रहा है। हालांकि, हाल के दिनों में उसकी मानसिक स्थिति के बारे में ज्यादा जानकारी नहीं थी। परिवार ने इस मामले में पुलिस का सहयोग करने का वादा किया है।
इस घटना के बाद स्थानीय लोगों के बीच मानसिक स्वास्थ्य को लेकर चर्चाएं शुरू हो गई हैं। कुछ लोगों का मानना है कि मोहम्मद दली जैसे युवा अकसर मानसिक दबाव में आ जाते हैं, लेकिन समाज में इसे लेकर जागरूकता की कमी है। कई लोग इस घटना को सबक मानते हुए, मानसिक स्वास्थ्य के प्रति अधिक संवेदनशीलता की आवश्यकता पर जोर दे रहे हैं।
हालांकि मोहम्मद दली ने खुद यह दावा किया है कि वह कूदा नहीं बल्कि उसे चक्कर आ गया था, लेकिन पुलिस इस मामले को लेकर किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंची है। यह सवाल अभी भी बना हुआ है कि क्या यह वास्तव में एक दुर्घटना थी या फिर किसी मानसिक तनाव की वजह से उठाया गया कदम।
मोहम्मद दली की स्थिति फिलहाल स्थिर है और चिकित्सकों की टीम उसकी निगरानी कर रही है। पुलिस भी अस्पताल में उसकी हालत पर नजर रखे हुए है ताकि घटना के पीछे के वास्तविक कारणों का पता लगाया जा सके।
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