Thursday, April 9, 2026 | Loading...
BREAKING NEWS
महिला रामलीला में मेघनाद और कुंभकर्ण वध का मंचन, दर्शकों से गुलजार हुआ शीशमहल मैदानअब नहीं चलेगी मनमानी: DM की सख्ती से हल्द्वानी में शिक्षा माफिया पर बड़ी चोट, 46 स्कूलों को नोटिसहल्द्वानी में शराब दुकानों पर छापा: ओवररेटिंग पकड़ी गई, प्रशासन सख्तखबर का असर: प्राधिकरण हरकत में—सील दोबारा लगाई, करोड़ों की डील के आरोप से बढ़ी हलचलनैनीताल में “ऑपरेशन प्रहार” का असर: अपराधियों पर कसा शिकंजा, 7 शातिर गिरफ्तारमहिला रामलीला में मेघनाद और कुंभकर्ण वध का मंचन, दर्शकों से गुलजार हुआ शीशमहल मैदानअब नहीं चलेगी मनमानी: DM की सख्ती से हल्द्वानी में शिक्षा माफिया पर बड़ी चोट, 46 स्कूलों को नोटिसहल्द्वानी में शराब दुकानों पर छापा: ओवररेटिंग पकड़ी गई, प्रशासन सख्तखबर का असर: प्राधिकरण हरकत में—सील दोबारा लगाई, करोड़ों की डील के आरोप से बढ़ी हलचलनैनीताल में “ऑपरेशन प्रहार” का असर: अपराधियों पर कसा शिकंजा, 7 शातिर गिरफ्तार

पुश्तैनी काम की नयी पहचान

| August 27, 2024 | 2 years ago | 1 min read

पुश्तैनी काम की नयी पहचान

भारत में आज भी कई युवा पुश्तैनी काम को आगे बढ़ाने में लगे हुए हैं। पारंपरिक कामों को नई तकनीक और सोच के साथ जोड़कर, ये युवा न केवल पुरानी विरासत को संभाल रहे हैं, बल्कि इसे नई ऊंचाइयों पर ले जा रहे हैं। कुछ युवा ऐसे भी हैं जिन्होंने पुश्तैनी काम को अपने अनोखे अंदाज़ में पेश किया और अपने परिवार की परंपरा को नए आयाम दिए। जुनैद सैफी भी ऐसे ही युवाओं में से एक हैं, जिन्होंने पारंपरिक काष्ठकला में अपना नया योगदान दिया है।

जुनैद सैफी की नई पहल

जुनैद सैफी का नाम बिजनौर के काष्ठकला उद्योग में अब जाना-पहचाना हो चुका है। उन्होंने लकड़ी की साइकिल और सजावट के अन्य आइटम बनाकर इस कला को एक नए तरीके से पेश किया है। पारंपरिक काष्ठकला में नयापन लाने के जुनून के कारण, जुनैद ने कुछ ऐसा किया जो पहले शायद किसी ने सोचा भी नहीं था। लकड़ी से बनी उनकी साइकिलें केवल दिखने में खूबसूरत नहीं हैं, बल्कि उनकी निर्माण गुणवत्ता भी उच्च कोटि की है।

बिजनौर की काष्ठकला में नवाचार

बिजनौर का काष्ठकला उद्योग पहले से ही प्रसिद्ध था, लेकिन जुनैद के इस नए काम ने इसे और भी खास बना दिया है। उनके द्वारा बनाई गई लकड़ी की साइकिलें और सजावट के आइटम न केवल एक नई सोच का प्रतीक हैं, बल्कि यह दर्शाते हैं कि कैसे पारंपरिक कला में भी नवाचार किया जा सकता है। जुनैद की यह पहल बिजनौर के कारीगरों के लिए एक प्रेरणा स्रोत बन चुकी है।

डिमांड में इजाफा

जुनैद के बनाए इन अनूठे उत्पादों की मांग दिन-ब-दिन बढ़ रही है। उनकी लकड़ी की साइकिलें और सजावट के अन्य आइटम्स अब केवल स्थानीय बाजारों तक सीमित नहीं हैं। अब लोग देश के विभिन्न हिस्सों से उनके उत्पादों की मांग कर रहे हैं। लोगों का कहना है कि जुनैद के उत्पाद न केवल दिखने में अच्छे होते हैं, बल्कि उनकी गुणवत्ता भी बेहतरीन होती है। इस कारण से, उनका काम तेजी से लोकप्रिय हो रहा है और उन्हें अपने उत्पादों के लिए ज्यादा से ज्यादा ऑर्डर मिल रहे हैं।

निर्यातकों की दिलचस्पी

न केवल घरेलू बाजार में, बल्कि विदेशी बाजारों में भी जुनैद के उत्पादों की मांग बढ़ रही है। कई निर्यातक उनके उत्पादों में गहरी दिलचस्पी दिखा रहे हैं और इसे अंतरराष्ट्रीय बाजार में ले जाने के लिए तैयार हैं। उनका मानना है कि जुनैद के ये उत्पाद विदेशी ग्राहकों के बीच भी लोकप्रिय हो सकते हैं। जुनैद की इस सफलता ने न केवल उनके जीवन को बदला है, बल्कि उनके साथ जुड़े अन्य कारीगरों के जीवन में भी बदलाव लाया है।

Link copied to clipboard!