कोतवाली हल्द्वानी पुलिस ने मोबाइल चोरी का किया खुलासा, दो शातिर चोर गिरफ्तार
हल्द्वानी। कोतवाली हल्द्वानी पुलिस ने मोबाइल चोरी की दो अलग-अलग घटनाओं का सफल खुलासा करते हुए दो शातिर चोरों को…
Read more

हल्द्वानी के शनि बाजार क्षेत्र के पास एक दुखद घटना ने सभी को झकझोर कर रख दिया। 7 साल का मासूम रिजवान, जो कि LKG कक्षा का छात्र था, नाले में बह गया। यह हादसा केवल एक दुखद दुर्घटना नहीं है, बल्कि एक ऐसी घटना है जो प्रशासनिक लापरवाही और असुरक्षित शहरी ढांचे की पोल खोलती है।
रिजवान अपने घर के पास खेल रहा था, जब अचानक वह खुले नाले में गिर गया और तेज़ बहाव के कारण नाले में बह गया। आसपास के लोगों ने उसे बचाने का प्रयास किया, लेकिन वे असफल रहे। इस घटना ने पूरे क्षेत्र में कोहराम मचा दिया है। स्थानीय लोग और रिजवान के परिवार वाले गहरे सदमे में हैं।
इस हादसे के बाद सवाल उठता है कि आखिर यह किसकी गलती है? कुछ दिन पहले ही प्रशासन ने इस इलाके में अतिक्रमण हटाने और नाले की सफाई के लिए एक अभियान चलाया था। इस सफाई अभियान के बाद नाले को खुला छोड़ दिया गया, जो इस घटना का मुख्य कारण माना जा रहा है। प्रशासन की यह लापरवाही न केवल रिजवान की जान लेने के लिए जिम्मेदार है, बल्कि यह पूरे क्षेत्र के लोगों की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ है।स्थानीय लोगों का कहना है कि नाले की सफाई के बाद प्रशासन को नाले को ढंकने की व्यवस्था करनी चाहिए थी। लेकिन ऐसा नहीं किया गया, और परिणामस्वरूप यह दुखद घटना घटी। नाले के आस-पास कोई सुरक्षा उपाय नहीं किए गए, न ही वहां कोई चेतावनी संकेतक लगाए गए, जिससे यह हादसा हुआ।
घटना के बाद प्रशासन की ओर से कोई ठोस प्रतिक्रिया नहीं आई है। हालांकि, इस घटना ने प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। यह साफ है कि नाले को खुला छोड़ना प्रशासन की गंभीर चूक थी। नाले के आस-पास के इलाकों में सुरक्षा उपाय करने की जिम्मेदारी नगर निगम और संबंधित अधिकारियों की थी, जिसे निभाने में वे असफल रहे।

रिजवान के परिवार का हाल बेहाल है। उनके लिए यह हादसा एक बड़ा झटका है, जिसे वे कभी नहीं भुला पाएंगे। रिजवान के माता-पिता ने प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाया है और न्याय की मांग की है। उनका कहना है कि यदि नाला ढंका होता या सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम होते, तो शायद आज रिजवान उनके साथ होता।

इस घटना ने हमें यह भी सोचने पर मजबूर कर दिया है कि हमारी सामाजिक जिम्मेदारियां क्या हैं। प्रशासन की लापरवाही अपनी जगह है, लेकिन क्या समाज के तौर पर हमारी भी कोई जिम्मेदारी नहीं है? क्या हमें प्रशासन को उसकी लापरवाही के प्रति सचेत नहीं करना चाहिए? नाले के पास खुले में खेलते बच्चों को देखकर हमें भी चेतावनी देनी चाहिए थी।
इस तरह की घटनाओं को टाला जा सकता था यदि प्रशासन ने समय रहते सही कदम उठाए होते। नाले को साफ करने के बाद उसे ढंकने का काम किया जाना चाहिए था, या फिर उसके चारों ओर सुरक्षा घेरा बनाना चाहिए था। इसके अलावा, लोगों को भी जागरूक किया जाना चाहिए कि वे अपने बच्चों को ऐसे असुरक्षित स्थानों के पास न जाने दें।
हल्द्वानी। कोतवाली हल्द्वानी पुलिस ने मोबाइल चोरी की दो अलग-अलग घटनाओं का सफल खुलासा करते हुए दो शातिर चोरों को…
Read moreभीमताल।माननीय उत्तराखण्ड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, नैनीताल के दिशा-निर्देशानुसार तथा अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण/जिला न्यायाधीश श्री प्रशांत जोशी के…
Read moreलालकुआं पुलिस ने अवैध शराब तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए 412 टेट्रा पैक किन्नू/अंगूर मार्का देशी मसालेदार शराब…
Read more