समाजसेवी पं० पीयूष जोशी को “ब्राह्मण गौरव” सम्मान, पारदर्शिता और जनसेवा में अहम योगदान
हल्द्वानी/नैनीताल:
भगवान जन्मोत्सव के अवसर पर आयोजित एक भव्य समारोह में उत्तराखण्ड के युवा समाजसेवी पं० पीयूष जोशी को “ब्राह्मण गौरव” सम्मान से सम्मानित किया गया। यह सम्मान द्वारा समाज सेवा, पारदर्शिता आंदोलन, युवा सशक्तिकरण और आपदा प्रबंधन में उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए प्रदान किया गया।

नैनीताल जनपद के हल्दूचौड़-लालकुआं क्षेत्र में जन्मे पं० जोशी आज प्रदेश में एक उभरते हुए जमीनी नेता के रूप में अपनी पहचान बना रहे हैं। मध्यमवर्गीय परिवार से आने वाले जोशी ने प्रारंभिक जीवन में ही शिक्षा, आधारभूत सुविधाओं और प्रशासनिक जटिलताओं जैसी समस्याओं को करीब से देखा, जिसने उन्हें समाज सेवा की दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।
कम उम्र में ही उन्होंने स्थानीय युवाओं और छात्रों को संगठित कर उनकी समस्याओं को प्रशासन तक पहुंचाने की पहल की। आगे चलकर उन्होंने (RTI) को एक प्रभावी माध्यम बनाते हुए कई मामलों में अनियमितताओं को उजागर किया। उनके प्रयासों से शिक्षा, छात्रवृत्ति और भर्ती प्रक्रियाओं में पारदर्शिता को लेकर प्रशासनिक स्तर पर कार्रवाई भी हुई।
कोविड-19 महामारी के दौरान पं० जोशी का कार्य विशेष रूप से सराहनीय रहा। “Fight Against COVID-19” पहल के तहत उन्होंने स्वयंसेवकों का नेटवर्क तैयार कर मरीजों को अस्पताल में भर्ती कराने, ऑक्सीजन और दवाइयों की व्यवस्था कराने में मदद की। वहीं “My Food Help” अभियान के माध्यम से हजारों जरूरतमंद लोगों तक राशन और भोजन पहुंचाया गया।
युवा सशक्तिकरण के क्षेत्र में वे के माध्यम से रोजगार, भर्ती पारदर्शिता और क्षेत्रीय अधिकारों से जुड़े मुद्दों पर सक्रिय हैं। इसके साथ ही के जरिए पर्यावरण संरक्षण, शिक्षा और स्वास्थ्य जागरूकता जैसे क्षेत्रों में भी कार्य कर रहे हैं।
तकनीक के उपयोग को बढ़ावा देते हुए उन्होंने “Instant Help” जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म के विकास में योगदान दिया है, जो आपातकालीन परिस्थितियों में लोगों को त्वरित सहायता उपलब्ध कराने का माध्यम बन रहा है। इसके अलावा, लालकुआं-हल्द्वानी क्षेत्र में आवारा पशुओं से होने वाली सड़क दुर्घटनाओं के मुद्दे को उन्होंने मानवाधिकार के दृष्टिकोण से उठाकर संबंधित संस्थाओं का ध्यान आकर्षित किया।
समारोह में महासभा के राष्ट्रीय संयोजक पं० विशाल शर्मा ने कहा कि युवा शक्ति यदि सही दिशा में कार्य करे तो समाज में सकारात्मक बदलाव संभव है, और पं० पीयूष जोशी इसका एक उदाहरण हैं।
पं० जोशी का मानना है कि सामाजिक परिवर्तन केवल विरोध से नहीं, बल्कि संवैधानिक प्रक्रियाओं, जागरूक नागरिकों और पारदर्शी व्यवस्था के माध्यम से ही संभव है। उनका लक्ष्य भविष्य में युवाओं के लिए एक मजबूत पारदर्शिता तंत्र विकसित करना और उत्तराखण्ड में संतुलित व न्यायसंगत विकास सुनिश्चित करना है।
