वार्ड 31 में जनता बेहाल, पार्षद भी बेखबर!
सीवर लाइन डालने के नाम पर गलियों को खोद दिया गया, लेकिन मरम्मत अधूरी छोड़ दी गई। गड्ढों में कीचड़ भरा है, रास्ते उखड़े पड़े हैं और जगह-जगह जलभराव की स्थिति है। स्थानीय लोगों का कहना है कि कई बार शिकायत की गई, लेकिन हर बार केवल आश्वासन मिला।
रमजान में रोजेदारों को दिक्कत
रमजान के पवित्र महीने में रोजेदारों को मस्जिद तक पहुंचने में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। बुजुर्ग और बच्चे गिरकर चोटिल हो रहे हैं। रात के अंधेरे में स्थिति और भी खतरनाक हो जाती है, क्योंकि कहीं भी चेतावनी बोर्ड या सुरक्षा इंतजाम नहीं किए गए हैं।
पार्षद की चुप्पी पर सवाल

वार्ड वासियों का आरोप है कि उनके चुने हुए पार्षद तक इस मुद्दे पर गंभीरता नहीं दिखा रहे। जनता का कहना है कि चुनाव के समय बड़े-बड़े वादे किए गए थे, लेकिन अब समस्या के समय कोई नजर नहीं आ रहा। लोगों में इस बात को लेकर खासा आक्रोश है कि आखिर उनके प्रतिनिधि की जिम्मेदारी क्या है?
ट्यूबवेल की गिरी दीवार और फैलती गंदगी
वार्ड में बने ट्यूबवेल की चारदीवारी भी लंबे समय से गिरी हुई है। सीवर लाइन के बाद चेंबर तक नहीं बनाए गए, जिससे गंदगी और संक्रमण का खतरा बढ़ गया है। स्थानीय लोग इसे सीधे तौर पर लापरवाही और भ्रष्ट तंत्र का नतीजा बता रहे हैं।
धरने की तैयारी में वार्डवासी
यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो समस्त वार्डवासी धरने पर बैठने की चेतावनी दे चुके हैं। उनका कहना है कि अब चुप बैठना संभव नहीं है।
क्या बड़े हादसे के बाद जागेगा तंत्र?
सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या प्रशासन और जनप्रतिनिधि किसी बड़ी दुर्घटना का इंतजार कर रहे हैं? बिना साइन बोर्ड, बिना मरम्मत और बिना निगरानी के ये टूटी सड़कें किसी भी दिन बड़ी घटना को न्योता दे सकती हैं।
