खबर के बाद जागी जनता: आम नागरिकों ने खोला मोर्चा, शिकायत पत्र से हुए नए खुलासे
हल्द्वानी। सरकारी (खाम) जमीन पर कथित अवैध निर्माण के मामले में अब आम जनता खुलकर सामने आ गई है। I7 News में खबर प्रकाशित होने के बाद जागरूक नागरिकों ने न सिर्फ विरोध जताया, बल्कि ठोस सबूतों के साथ प्रशासन तक अपनी शिकायत भी पहुंचाई है।

📄 शिकायत पत्र में क्या हुआ खुलासा?
सामने आए लिखित शिकायत पत्र के अनुसार—
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- हीरानगर पुलिया के पास लगभग 2000 वर्ग फीट सरकारी भूमि पर कब्जा किया गया।
- आरोप है कि भू-माफियाओं और कथित जनप्रतिनिधियों की मिलीभगत से दुकानों का निर्माण हुआ।
- इन दुकानों को स्टांप व अन्य माध्यमों से निजी तौर पर बेचा जा रहा है, जो पूरी तरह अवैध बताया गया है।
⚠️ नगर निगम पर भी उठे सवाल
शिकायतकर्ता ने यह भी बताया कि—
- पहले इस भूमि पर सार्वजनिक शौचालय बनाने का प्रस्ताव दिया गया था।
- कई बार नगर निगम हल्द्वानी-काठगोदाम को अवगत कराया गया, लेकिन आज तक कोई कार्रवाई नहीं हुई।
🔍 मिलीभगत की आशंका, जांच की मांग तेज
पत्र में साफ तौर पर आरोप लगाया गया है कि—
बिना अधिकारियों की अनुमति या सहयोग के इतने बड़े स्तर पर कब्जा संभव नहीं।
अब सवाल यह उठ रहा है कि क्या इस पूरे मामले में अंदरखाने मिलीभगत है?

🗣️ जागरूक नागरिकों की मांग
स्थानीय लोगों और शिकायतकर्ता ने प्रशासन से मांग की है
- अवैध कब्जा और निर्माण को तुरंत हटाया जाए
- दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई हो
- सरकारी जमीन को खाली कराकर जनहित में उपयोग किया जाए
🔴 मामला गरमाया, प्रशासन पर बढ़ा दबाव
खबर के बाद जिस तरह आम जनता सामने आई है, उससे मामला अब और गंभीर हो गया है।
अब यह सिर्फ अवैध निर्माण नहीं, बल्कि जनहित, भ्रष्टाचार और प्रशासनिक जवाबदेही का मुद्दा बनता जा रहा है।
👉 अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस जनदबाव के बीच क्या ठोस कार्रवाई करता है या फिर यह मामला भी कागजों तक ही सीमित रह जाएगा।
