Saturday, October 24, 2026 | Loading...
BREAKING NEWS
ज्योलिकोट में स्वास्थ्य सेवाएं जारी, नए पीलिया-डायरिया मामलों में कमी●आपदा प्रभावित क्षेत्रों में पहुंचे कैबिनेट मंत्री राम सिंह कैड़ा, अधिकारियों को त्वरित राहत के निर्देश●नैनीताल में मौसमी फ्लू को लेकर स्वास्थ्य विभाग अलर्ट, CMO ने अस्पतालों को दिए तैयार रहने के निर्देश●राजपुरा में बढ़ते नशे के कारोबार पर विधायक सुमित हृदयेश ने जताया आक्रोश●SIR प्रक्रिया को लेकर भाजपा प्रतिनिधिमंडल ने ADM को सौंपा ज्ञापन, निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग●ज्योलिकोट में स्वास्थ्य सेवाएं जारी, नए पीलिया-डायरिया मामलों में कमी●आपदा प्रभावित क्षेत्रों में पहुंचे कैबिनेट मंत्री राम सिंह कैड़ा, अधिकारियों को त्वरित राहत के निर्देश●नैनीताल में मौसमी फ्लू को लेकर स्वास्थ्य विभाग अलर्ट, CMO ने अस्पतालों को दिए तैयार रहने के निर्देश●राजपुरा में बढ़ते नशे के कारोबार पर विधायक सुमित हृदयेश ने जताया आक्रोश●SIR प्रक्रिया को लेकर भाजपा प्रतिनिधिमंडल ने ADM को सौंपा ज्ञापन, निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग

मानव तस्करी मानवता के खिलाफ सबसे बड़ा अपराध, सतर्कता ही बचाव का सबसे प्रभावी हथियार: पारुल थपलियाल

| May 29, 2026 | 5 months ago | 1 min read

भीमताल। मानव तस्करी जैसे गंभीर अपराध के प्रति लोगों को जागरूक करने और उनके कानूनी अधिकारों की जानकारी देने के उद्देश्य से पंचायत भवन जंगलियागांव, भीमताल में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (DLSA) नैनीताल द्वारा विधिक साक्षरता एवं जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में बड़ी संख्या में महिलाओं ने प्रतिभाग कर महत्वपूर्ण जानकारियां प्राप्त कीं।

उत्तराखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, नैनीताल के दिशा-निर्देशों तथा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण नैनीताल के अध्यक्ष एवं जिला न्यायाधीश श्री प्रशांत जोशी के आदेशानुसार आयोजित इस शिविर में सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण पारुल थपलियाल ने उपस्थित महिलाओं को मानव तस्करी के खतरों, उसके कानूनी पहलुओं और बचाव के उपायों के बारे में विस्तार से जानकारी दी।

उन्होंने कहा कि मानव तस्करी केवल एक अपराध नहीं, बल्कि मानवता के विरुद्ध गंभीर अपराध और मानवाधिकारों का घोर उल्लंघन है। लालच, धोखाधड़ी, दबाव और झूठे प्रलोभनों के माध्यम से लोगों को शोषण के जाल में फंसाया जाता है। जबरन श्रम, यौन शोषण, बंधुआ मजदूरी और अन्य प्रकार के उत्पीड़न इसके प्रमुख रूप हैं।

 /></div>




<figure class=

शिविर में बताया गया कि मानव तस्करी देश की सीमाओं के भीतर भी हो सकती है और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी। महिलाओं और बच्चों को विशेष रूप से सतर्क रहने की आवश्यकता है। किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तत्काल सूचना संबंधित विभागों और पुलिस को देने की अपील की गई।

कार्यक्रम के दौरान जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं, निःशुल्क विधिक सहायता प्राप्त करने की पात्रता तथा जरूरतमंद लोगों को उपलब्ध कानूनी सहायता संबंधी जानकारी भी दी गई। महिलाओं ने शिविर में सक्रिय भागीदारी करते हुए अपने सवाल पूछे और कानूनी अधिकारों के बारे में जानकारी हासिल की।

शिविर में ग्राम प्रधान राधा कुल्याल, अंजू पांडे, मीना देवी सहित क्षेत्र की अनेक महिलाएं उपस्थित रहीं।

प्रमुख बातें

✔ मानव तस्करी को लेकर महिलाओं को किया गया जागरूक
✔ निःशुल्क विधिक सहायता की जानकारी दी गई
✔ संदिग्ध गतिविधियों की तुरंत सूचना देने की अपील
✔ बड़ी संख्या में महिलाओं ने शिविर में लिया भाग

Link copied to clipboard!