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बनभूलपुरा के युवाओं ने निकाला कैंडल मार्च,

| August 18, 2024 | 2 years ago | 1 min read

बनभूलपुरा के युवाओं ने निकाला कैंडल मार्च, रेप-मर्डर केस में कड़ी कार्यवाही की मांग

हल्द्वानी: हल्द्वानी के बनभूलपुरा इलाके में रविवार को युवाओं ने कोलकाता और रुद्रपुर में हाल ही में घटित रेप और मर्डर के भयावह मामलों के विरोध में एक कैंडल मार्च का आयोजन किया। इस मार्च में क्षेत्र के सैकड़ों लोग शामिल हुए, जो इन घृणास्पद अपराधों के खिलाफ कड़ी कार्यवाही की मांग कर रहे थे। प्रदर्शनकारियों ने इंसाफ की गुहार लगाते हुए नारेबाजी की और दोषियों के लिए सख्त से सख्त सजा की मांग की।

कैंडल मार्च में बड़ी संख्या में लोगों ने लिया भाग

मार्च की शुरुआत बनभूलपुरा क्षेत्र से हुई, जहां युवा अपने हाथों में कैंडल और पोस्टर लिए हुए थे, जिन पर न्याय की मांग करते नारों को लिखा गया था। इस मार्च का मुख्य उद्देश्य इन जघन्य अपराधों के खिलाफ समाज में जागरूकता फैलाना और सरकार तथा प्रशासन को इन अपराधियों के खिलाफ त्वरित एवं सख्त कार्रवाई के लिए मजबूर करना था।

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समाज में जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से किया गया आयोजनकैंडल मार्च में शामिल लोग:

बनभूलपुरा संघर्ष समिति के संयोजक उवैस राजा ने कहा कि ये घटनाएं समाज की बुनियादी मानवीय संवेदनाओं पर प्रहार हैं और ऐसे अपराधियों के खिलाफ बिना किसी देरी के सख्त कार्यवाही होनी चाहिए। उन्होंने इस कैंडल मार्च के माध्यम से यह संदेश देने का प्रयास किया कि पूरे समुदाय ने इन जघन्य अपराधों के खिलाफ एकजुट होकर आवाज उठाई है। उन्होंने प्रशासन से यह अपील की कि दोषियों को त्वरित न्यायालय में पेश कर उन्हें फांसी की सजा दी जाए, ताकि समाज में डर का माहौल बन सके और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

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<h2 class=कांग्रेस नेता और समाज के अन्य प्रमुख लोग भी हुए शामिल

कांग्रेस नेता नाज़िम अंसारी, शानू अली, अमान अंसारी, शाहनवाज मलिक, अर्श मलिक, उवैस मिकरानी, सय्यद रेहान मियां, शरीक बादशाह, रेहमान चौधरी, अब्दुल शहबान, आदिल मिकरानी, सुहैल सिद्दीकी, ताज़ीम अंसारी, सपा नेता मो० अनस, और छात्र नेता आकिब मलिक भी इस कैंडल मार्च में शामिल हुए और इस संघर्ष में अपने समर्थन का प्रदर्शन किया।

न्याय की मांग और समाज की सुरक्षा:

प्रदर्शनकारियों ने साफ तौर पर कहा कि ये मामले केवल पीड़ितों के परिवारों के लिए ही नहीं, बल्कि पूरे समाज के लिए चिंताजनक हैं। ये घटनाएं हमारे समाज की सुरक्षा और नैतिक मूल्यों को चुनौती दे रही हैं, और अगर दोषियों को कठोर सजा नहीं दी गई, तो भविष्य में और भी भयावह अपराध हो सकते हैं।

समाज के लिए चिंताजनक हैं ऐसे जघन्य अपराध

इस कैंडल मार्च में शामिल एक युवा ने कहा, “हमारे समाज में ऐसे अपराधियों के लिए कोई जगह नहीं होनी चाहिए। जो लोग इस प्रकार की बर्बरता करते हैं, उन्हें सख्त से सख्त सजा मिलनी चाहिए, ताकि वे समाज में डर का माहौल बना सकें और दूसरे लोग इस तरह के अपराध करने से पहले सौ बार सोचें।”

युवाओं की एकजुटता और सख्त सजा की मांग

प्रदर्शनकारियों ने सरकार और प्रशासन से अपील की कि इस प्रकार की घटनाओं की रोकथाम के लिए ठोस कदम उठाए जाएं। उन्होंने कहा कि अगर सरकार और प्रशासन इन मामलों में ढिलाई बरतता है, तो यह समाज के लिए एक गलत संदेश होगा और अपराधियों का मनोबल बढ़ेगा।

समाज में जागरूकता फैलाने का प्रयास:

कैंडल मार्च के दौरान युवाओं ने समाज में जागरूकता फैलाने का भी प्रयास किया। उन्होंने बताया कि ऐसे अपराध केवल कानून के माध्यम से नहीं, बल्कि सामाजिक जागरूकता और नैतिक शिक्षा के माध्यम से भी रोके जा सकते हैं।

जागरूकता और नैतिक शिक्षा का महत्वसरकार और प्रशासन से अपील:

इस कैंडल मार्च के दौरान प्रदर्शनकारियों ने सरकार से अपील की कि वह इन अपराधों के खिलाफ त्वरित और कठोर कार्यवाही करे। उन्होंने कहा कि न्याय में देरी समाज के विश्वास को हिला देती है और यह भविष्य में अपराधियों को प्रोत्साहन दे सकती है।

न्याय में देरी से हिल सकता है समाज का विश्वास

इस प्रकार, बनभूलपुरा के युवाओं का यह कैंडल मार्च केवल एक प्रदर्शन नहीं, बल्कि एक जमीनी आंदोलन का प्रतीक था, जिसने इन जघन्य अपराधों के खिलाफ एकजुटता और न्याय की मांग की आवाज बुलंद की।

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